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Congress President Election: शशि थरूर की खड़गे को चुनौती- सार्वजनिक बहस के लिए तैयार हूं
नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव में वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच मुकाबला होना तय हो गया है। शशि थरूर ने रविवार को कहा कि वह उम्मीदवारों के बीच सार्वजनिक बहस के लिए तैयार हैं क्योंकि इससे लोगों की उसी तरह से पार्टी में दिलचस्पी पैदा होगी, जैसे कि हाल में ब्रिटेन में कंजर्वेटिव पार्टी के नेतृत्व पद के चुनाव को लेकर हुई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के सदस्यों के दिलों में नेहरू-गांधी परिवार की हमेशा खास जगह रही है और रहेगी।
अध्यक्ष पद के चुनाव में अब मुकाबला खड़गे और थरूर के बीच
शशि थरूर ने समाचार एजेंसी पीटीआई से एक इंटरव्यू में कहा कि कांग्रेस की मौजूदा चुनौतियों का जवाब प्रभावी नेतृत्व और संगठनात्मक सुधार के संयोजन में निहित है। झारखंड के पूर्व मंत्री के एन त्रिपाठी का नामांकन पत्र शनिवार को खारिज होने के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष पद के चुनाव में अब मुकाबला खड़गे और थरूर के बीच होगा।
खड़गे ने थरूर को छोटा भाई बताया
मल्लिकार्जुन खडगे ने भी रविवार से चुनावी अभियान शुरू कर दिया है। इस दौरान उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी शशि थरूर के बारे में भी बात की है। उन्होंने कहा कि चुनाव से नाम वापसी करना, नहीं करना थरूर साहब की मर्जी है। मैंने उनसे फोन करके कहा था कि आम सहमति बन जाए, अगर वो नाम वापस लें। लेकिन उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लड़ना चाहता हूं। तो उनकी मर्जी, वो मेरे छोटे भाई।
संयुक्त राष्ट्र में काम का अनुभव
थरूर ने कहा, संगठनों का उच्च स्तर पर नेतृत्व करने का मेरा विश्वसनीय ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। संयुक्त राष्ट्र के जन सूचना विभाग के अवर प्रभारी महासचिव के तौर पर मैंने दुनियाभर में 77 कार्यालय में 800 से अधिक कर्मियों के संयुक्त राष्ट्र के सबसे बड़े विभाग के संचार का जिम्मा संभाला था। इसे देखते हुए कई लोगों ने मुझे संयुक्त राष्ट्र संगठन का नेतृत्व करने के लिए चुनाव लड़ने का अनुरोध किया था।
गहलोत का भी खड़गे को समर्थन
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोतने रविवार को जयपुर में कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे डिजर्व करते हैं। गहलोत ने कहा कि वह दलित नेता है और 50 साल लंबा राजनीति करने का अनुभव रखते हैं। वहीं गहलोत ने कहा कि शशि थरूर के विचार पार्टी को मजबूती प्रदान करेंगे, इस पर संशय है। पहले गहलोत ही अध्यक्ष पद के सबसे बड़े दावेदार थे। लेकिन सीएम पद को लेकर कांग्रेस में बढ़ी रार के बाद गहलोत का पत्ता साफ हो गया।
Congress: राजस्थान के सियासी संकट की अशोक गहलोत ने बताई ये वजह, बोले- अंतिम सांस तक करूंगा लोगों की सेवा
राजस्थान के सियासी संकट पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पहली बार खुलकर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने नए सीएम के नाम को लेकर विधायकों की बगावत की मुख्य वजह बताई। साथ ही उन्होंने बगैर नाम लिए सचिन पायलट पर भी निशाना साधा।
जयपुर, एजेंसी। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट पर हमला बोला है। सीएम अशोक गहलोत न रविवार को कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि राज्य में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर विधायकों में नाराजगी क्यों है।राजस्थान के सियासी संकट पर बोले गहलोत
राजस्थान संकट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति होने जा रही है तो 80-90 प्रतिशत विधायक दल में शामिल हो जाते हैं, लेकिन राजस्थान में ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने आगे कहा कि जब एक मुख्यमंत्री बदल जाता है तो 80-90 प्रतिशत विधायक उसे छोड़ देते हैं और पक्ष बदल लेते हैं। वे नए उम्मीदवार के पास जाते हैं। मैं भी इसे गलत नहीं मानता।
सीएम गहलोत ने साधा पायलट पर निशाना
सीएम अशोक गहलोत ने पायलट का नाम लिए बगैर कहा कि लेकिन यह एक नया मामला है, जहां विधायकों ने नए मुख्यमंत्री के नाम पर हंगामा किया। मैं उस समय जैसलमेर में था। उन्होंने सचिवालय में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद संवाददाताओं से कहा मैं अनुमान नहीं लगा सकता, लेकिन विधायकों को लगा कि कौन नया मुख्यमंत्री बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री के बदलने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर गहलोत ने दोहराया कि यह फैसला पार्टी आलाकमान को करना है।
अंतिम सांस तक राजस्थान के लोगों के लिए करूंगा काम- गहलोत
सीएम अशोक गहलोत ने कहा मैं अपना काम कर रहा हूं और अगर कोई फैसला लेना है तो यह पार्टी आलाकमान को लेना है। सीएम अशोक गहलोत ने लोगों से अगले बजट के बारे में सुझाव सीधे उनके पास भेजने को कहा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह अपनी अंतिम सांस तक राजस्थान के लोगों से दूर नहीं रह सकते और कांग्रेस सरकार अपने पांच साल पूरे करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य आगामी चुनावों के बाद राजस्थान में कांग्रेस सरकार को सत्ता में वापस लाना है, जो राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के पुनरुद्धार के लिए महत्वपूर्ण है।
मैं सीएम पद से हटने को तैयार हूं- गहलोत
अशोक गहलोत ने कहा कि मैंने अगस्त में सोनिया गांधी और अजय माकन को पहले ही बता दिया था कि यह जरूरी नहीं है कि मैं मुख्यमंत्री बनूं। मैंने उनसे कहा कि मैं सीएम पद से हटने को तैयार हूं। मैंने कहा कि मैं समर्थन और प्रचार करूंगा, क्योंकि कांग्रेस पार्टी को पुनर्जीवित करना हमारा उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह उन 102 विधायकों को नहीं छोड़ सकते, जिन्होंने 2020 में राजनीतिक संकट के दौरान उनकी सरकार को बचाया था और इसलिए उन्होंने सोनिया गांधी से माफी मांगी।
भाजपा पर साधा निशाना
सीएम अशोक गहलोत ने आगे कहा कि कोई भी व्यक्ति पूर्ण नहीं होता है और वह भी हर रोज सीखता है औरजरूरत पड़ने पर खुद को सुधारता है। उन्होंने 2020 में बगावत करने वाले विधायकों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे भाजपा के साथ हैं। उन्होंने कहा कि हमारे कुछ विधायकों ने अमित शाह, धर्मेंद्र प्रधान और अन्य नेताओं से मुलाकात की। अमित शाह हमारे विधायकों को मिठाई खिला रहे थे। इसलिए मैं उन 102 विधायकों को कैसे भूल सकता हूं, जिन्होंने कांग्रेस सरकार को बचाया था। मुझे जब भी जरूरत पड़ी, मुझे जनता का समर्थन मिला है। चाहे वह राजनीतिक संकट के दौरान हो या कोरोना के दौरान। इसलिए मैं उनसे कैसे दूर रह सकता हूं।
क्या है मामला
बता दें कि अशोक गहलोत का कांग्रेस अध्यक्ष पद की दावेदारी के लिए नाम सामने आने के बाद राजस्थान में सीएम चेहरे को लेकर चर्चाएं जोर पकड़ने लगी थी। इनमें सबसे अहम नाम सचिन पायलट का था। हालांकि, इस दौरान सचिन पायटल के नाम को लेकर कई विधायकों ने नाराजगी भी जताई थी और इसके विरोध में अपना इस्तीफा तक विधानसभा अध्यक्ष को सौंप दिया था।
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